दुष्कर्म के खिलाफ अजमेर में मौन जुलूस

अजमेर। (वार्ता) 05 दिसम्बर (वार्ता)राजस्थान के अजमेर में नवगठित “अजमेर सर्व नागरिक मंच” ने आज मौन जुलूस निकालकर देश में महिलाओं के साथ हो रही घिनौनी करतूतों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। मंच से जुड़े सभी समाजों के लोग उक्त बैनर तले स्थानीय विश्रांति गृह पर एकत्रित हुए और पैदल मार्च करते हुए जिलाधीश कार्यालय पहुंचे जहां राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन जिला कलेक्टर के प्रतिनिधि को सौंपा गया।


मंच के संयोजक हरिराम कोडवानी ने बताया कि ज्ञापन में राष्ट्रपति से मांग की गई है कि महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के मामले में टाडा एक्ट की तर्ज पर कड़ी कार्यवाही की जाए तथा फास्टट्रैक कोर्ट के माध्यम से दुराचारों के मामले में छह महीने के भीतर ही फैसला सुनाया जाए। उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं का वजूद खतरे में है। हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक के साथ सामूहिक बलात्कार और जलाने की नृशंस वारदात ने पूरे देश को झकजोर कर रख दिया।


राजस्थान प्रदेश में भी टोंक, बीकानेर और अलवर में इसी तरह की वारदातें हुई जिसके खिलाफ आज अजमेर के सभी नागरिक अपना रोष व्यक्त करते हुए मांग करते हैं कि देश में हो रही इन वारदातों पर काबू पाने के लिए कड़े कानून बनाए जाए। ज्ञापन देने वालों में मौजूद शहर महिला कांग्रेस की अध्यक्षा सबा खान ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष रुचि लेकर एक समाज विशेष के लिए जिस तरह तीन तलाक का कानून बनाया ठीक उसी तरह उन्हें बलात्कारियों व महिलाओं पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त तत्काल निर्णय लिए जाने वाला कानून देश में प्रभावी ढंग से लागू कराना चाहिए।


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